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झांसी में अपने बड़े भाई की मौत से आहत छोटा भाई गले में उसकी अस्थियां टांगकर न्याय मांगने कलेक्ट्रेट पहुंच गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिन लोगों की वजह से उसके भाई की मौत हुई, वही अब उन्हें गांव में घुसने नहीं दे रहे हैं। परिवार ने पुलिस पर भी कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला तोड़ीफतेहपुर थाना क्षेत्र के विक्रमपुरा सानी गांव का है। बुधवार को सियाराम पाल अपने भाई चतुर्भुज पाल की अस्थियां गले में टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। सियाराम का आरोप है कि गांव के अनिल पटेल ने सरकारी हैंडपंप में अवैध रूप से समरसेबल पंप जोड़ रखा था।
पीड़ित के मुताबिक 23 मई को उनका भाई चतुर्भुज पाल हैंडपंप पर पानी पीने गया था। जैसे ही उसने हैंडपंप को हाथ लगाया, तभी घर के अंदर से समरसेबल चालू कर दिया गया। आरोप है कि इससे हैंडपंप में करंट उतर आया और चतुर्भुज गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हंगामे के बाद दर्ज हुई एफआईआर सियाराम का कहना है कि घटना के बाद जब परिवार पुलिस के पास पहुंचा तो शुरुआत में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इससे नाराज परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस ने अनिल पटेल पुत्र राजेंद्र पटेल और पृथ्वी सिंह पटेल पुत्र लखनलाल पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अस्थियां विसर्जित नहीं कर पा रहे मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे उनके हौसले बढ़ गए हैं। सियाराम का कहना है कि परिवार पूजा-पाठ के बाद चतुर्भुज की अस्थियां विसर्जित करना चाहता है, लेकिन उन्हें गांव में घुसने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष जान से मारने की धमकी दे रहा है। सड़क जाम मामले में परिजनों पर भी केस वहीं, चतुर्भुज की मौत के बाद कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने सियाराम समेत 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है।
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झांसी कलेक्ट्रेट में अस्थियां गले में टांगकर पहुंचा युवक:बोला-दबंगों पर भाई की मौत की FIR के बाद गांव में नहीं घुसने दे रहे आरोपी