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प्रयागराज में हिस्ट्रीशीटर सक्षम पंडा (35) की गोली मारकर हत्या के मामले में अहम जानकारी सामने आई है। पता चला है कि जेल भेजे गए दो हत्यारोपियों में से एक करीब महीने भर पहले ही जेल से छूटकर आया था। वहीं दूसरा पुलिस रिकॉर्ड में फरार चल रहा था। दोनों सक्षम पर हुई फायरिंग के मामले के आरोपी थे। दरअसल 13 मार्च को सक्षम पर मुट्ठीगंज में आधी रात फायरिंग हुई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी विमल पंडा, उसका भाई कमल, लकी पंडा और संदीप कनौजिया का नाम आया था। बाद में विवेचना में नाम प्रकाश में आने पर आकाश अरोड़ा उर्फ भोला पंजाबी को भी आरोपी बनाया गया था। वारदात की 3 तस्वीरें देखिए- आकाश इस मामले में जेल भेजा गया था और 18 अप्रैल को उसे जमानत मिल गई थी। मुट्ठीगंज पुलिस पर्याप्त साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर पाई थी और इसी आधार पर उसे जमानत मिल गई थी। उधर विमल और उसका भाई कमल इस मामले में फरार थे और पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकी। उधर मृतक के पिता ज्ञानबाबू शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस सिर्फ विमल को ढूंढ़ने का नाटक करती रही। जबकि वह खुलेआम घूमता रहा और आखिरकार उसने उनके बेटे को मौत के घाट उतार दिया। विमल के भाई, पत्नी की तलाश इस मामले में पुलिस ने भोला पंजाबी को कुछ देर बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही कुछ घंटों बाद विमल को भी पकड़ लिया। दोनों शुक्रवार को जेल भेज दिए गए। इस मामले में अब पुलिस को विमल के भाई कमल और उसकी पत्नी शुभि के साथ ही एक अन्य की तलाश है जो नामजद आरोपी हैं। कमल 13 मार्च को सक्षम पर हुई फायरिंग के मामले में भी नामजद था। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी पर उठे सवाल मुट्ठीगंज में हुई यह वारदात हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी प्रणाली व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। बड़ा सवाल यह है कि अतरसुइया पुलिस के रिकॉर्ड में 10 मुकदमों वाले हिस्ट्रीशीटर विमल के क्रियाकलापों पर आखिर कैसे निगरानी रखी जा रही थी। हत्या के प्रयास में वांछित होने के बाद भी आखिर उसने कैसे हत्या की वारदात को अंजाम देने का दुस्साहस किया। पुलिस को समय रहते ही उसके इरादों की भनक कैसे नहीं लगी। इस मामले में दारागंज पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल रात में ही दोनों पक्षों के बीच विवाद की जानकारी होने के बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी विमल के परिवारवालाें ने रात में ही आरोप लगाया था कि गंगा घाट पर स्थित उनके घाट पर सक्षम व उसके साथियों ने आकर आगजनी की। अब सवाल यह है कि आखिर क्यों समय रहते पुलिस ने एक्शन नहीं लिया।
फोन करके घर के बाहर बुलाया
सक्षम पांडा मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के मालवीय नगर का रहने वाला था। सक्षम की मां ने बताया कि बुधवार रात बेटे ने परिवार के साथ खाना खाया था, इसके बाद सोने चला गया। गुरुवार सुबह किसी का फोन आया, इसके बाद वह घर से चला गया। कुछ देर बाद पता चला कि बेटे की हत्या कर दी गई है। हम लोग मौके पर पहुंचे तो वह खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। पहले बातचीत की, घर लौटा तो पीछे से आकर मारी गोली
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने हिस्ट्रीशीटर को फोन कर घर से 100 मीटर दूर बुलाया और उससे काफी देर तक बातचीत की। इसके बाद दोनों हमलावर अपने घर की तरफ चले गए। हिस्ट्रीशीटर भी अपने घर पहुंच गया। वह अपने घर की सीढ़ियों पर खड़ा था, तभी पीछे से वापस दोनों हमलावर आ गए और उसे गोली मार दी। CCTV में क्या दिख रहा, जानिए
CCTV फुटेज में दिख रहा है कि हिस्ट्रीशीटर सीढ़ियों पर खड़ा है। इसी दौरान पीछे से दोनों हमलावर स्कूटी से आते हैं और पास पहुंचते ही गोली मार देते हैं। गोली लगते ही हिस्ट्रीशीटर पहले घर की तरफ भागता है, फिर अचानक पीछे मुड़कर गली की ओर भाग जाता है। हमलावरों ने उसका पीछा किया और करीब 50 मीटर दूर जाकर उसे एक और गोली मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं। पहले एक आरोपी पैदल भागा, जबकि दूसरा स्कूटी से फरार हुआ। हालांकि, बाद में स्कूटी सवार हमलावर वापस आया और दूसरे आरोपी को स्कूटी पर बैठाकर ले गया। डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया- इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें भोले पंजाबी, विमल पंडा, शुभि, कमल और एक अन्य आरोपी शामिल हैं। भोले व विमल को अरेस्ट कर लिया है, बाकी की तलाश की जा रही है। विमल पंडा पर कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। वह अतरसुइया थाने का हिस्ट्रीशीटर है। विमल हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार चल रहा था और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी था। वहीं, मृतक सक्षम भी हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में आर्म्स एक्ट और हत्या समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। —————————–
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एक जेल से छूटकर आया, दूसरा चल रहा था फरार:प्रयागराज में हिस्ट्रीशीटर को गोलियों भूनने वाले दो हत्यारोपियों की कहानी