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जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब अस्पतालों में भी साफ दिखाई देने लगा है। मई के तीसरे सप्ताह में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप और लू के चलते जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में रोजाना 500 से ज्यादा मरीज डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं की वजह से लोगों के शरीर में तेजी से पानी की कमी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को हो रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा पानी, ORS और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करें। साथ ही हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। अस्पतालों में किए गए विशेष इंतजाम गर्मी और हीटस्ट्रोक के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पतालों में कोल्ड रूम और हीटस्ट्रोक रूम बनाए गए हैं, जहां AC, आइस पैक और जरूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में ORS कॉर्नर भी बनाए गए हैं, ताकि मरीजों और तीमारदारों को तुरंत राहत मिल सके। डॉक्टरों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है और इमरजेंसी वार्ड में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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डिहाइड्रेशन, उल्टी और चक्कर की शिकायतें बढ़ीं:रोज 500 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे , अस्पतालों में बनाए गए हीटस्ट्रोक रूम