बंगाल में इमाम-मुअज्जिन और पुजारियों का भत्ता बंद:महिलाओं को 1 जून से ₹3000 मिलेंगे; TMC सरकार में हुए भ्रष्टाचार-महिला उत्पीड़न की जांच होगी


पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। राज्य सरकार ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाले भत्ते को 1 जून से बंद करने का फैसला किया है। इसके अलावा TMC सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न की जांच के लिए 2 आयोग बनेंगे। दोनों आयोगों की अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे। साथ ही महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3000 रुपए देने, मुफ्त बस यात्रा शुरू करने, सातवां वेतन आयोग गठित करने और OBC सूची में बदलाव जैसे अहम निर्णय भी लिए गए। मार्च में बढ़ाया था मानदेय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार ने इसी साल मार्च में धार्मिक नेताओं के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद राज्य की रजिस्टर्ड मस्जिदों के इमामों को हर महीने 3000 रुपए, जबकि मुअज्जिन और पुजारियों को 2000 रुपए की मदद दी जा रही थी। नई सरकार ने अब इस योजना को बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि छात्रों की कोई भी छात्रवृत्ति योजना बंद नहीं की जाएगी। महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना कैबिनेट ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 1 जून से महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए दिए जाएंगे। सरकार ने कहा कि जो महिलाएं पहले से ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ का लाभ ले रही हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार जल्द ही नया वेब पोर्टल भी शुरू करेगी, ताकि नई पात्र महिलाएं आवेदन कर सकें। राज्य सरकार ने 1 जून से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की भी मंजूरी दी है। हालांकि फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। CAA आवेदकों को भी मिलेगा लाभ सरकार ने स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत आवेदन करने वाली महिलाएं और वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए ट्रिब्यूनल पहुंचने वाली महिलाओं को भी अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलेगा। भ्रष्टाचार-उत्पीड़न की जांच के लिए 2 आयोग सरकार ने संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में आयोग बनाया है। इसमें एडीजी रैंक के IPS अधिकारी जयरामन सदस्य सचिव होंगे। आयोग कटमनी, रिश्वतखोरी, सरकारी धन के दुरुपयोग और आम लोगों से धोखाधड़ी जैसे मामलों की जांच करेगा। इसके दायरे में सरकारी अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, बिचौलिए, ठेकेदार, एनजीओ और सहकारी संस्थाएं भी आएंगी। दूसरा आयोग महिलाओं और बच्चियों पर कथित अत्याचार के मामलों की जांच करेगा। इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस समाप्ति चटर्जी करेंगी, जबकि IPS अधिकारी दमयंती सेन सदस्य सचिव होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग पिछले कई वर्षों में महिलाओं और बच्चों, खासकर SC, ST और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचारों की जांच करेगा। OBC सूची में होगा बदलाव सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के फैसले के आधार पर राज्य की मौजूदा OBC सूची को रद्द करने और उसमें संशोधन करने का फैसला लिया है। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान 77 समुदायों को OBC सूची में शामिल किया गया था, जिनमें 75 मुस्लिम समुदाय थे। इस फैसले को लेकर कानूनी विवाद हुआ था। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस सूची को रद्द कर दिया था और 2010 के बाद जारी करीब 5 लाख OBC प्रमाणपत्रों को अमान्य घोषित कर दिया था। नई सरकार अब OBC आरक्षण के लिए पात्रता तय करने हेतु एक नई समिति बनाएगी। सातवें वेतन आयोग को मंजूरी कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। इसका फायदा सरकारी विभागों के अलावा नगर निकाय, स्थानीय निकाय, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। हालांकि राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का मुद्दा सोमवार की बैठक में शामिल नहीं था। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… कोलकाता में पुलिस पर पथराव, 3 जवान घायल, 40 गिरफ्तार, अतिक्रमण हटाने के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था कोलकाता में रविवार को पार्क सर्कस इलाके में अतिक्रमण हटाने के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ, जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। सुरक्षाबलों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि मामले में अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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