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बरेली में कुदरत के कहर ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। 100 की रफ्तार से आए चक्रवाती तूफान में आशियाने उजड़ गए और कई जिंदगियां खामोश हो गईं। सबसे हैरान करने वाला मंजर बमियाना में दिखा, जहाँ टीनशेड के साथ नन्हे मियां भी हवा में उड़ गए। हालांकि, इस तबाही के बीच बरेली प्रशासन ने राहत की नई मिसाल पेश की है। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर महज 24 घंटे के भीतर पीड़ितों के खातों में मुआवजा पहुंचा दिया गया। चारों मृतकों के परिजनों को 16 लाख की मदद दी गई, तो वहीं बेघर हुए 30 परिवारों को अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्की छत मिलेगी। आपदा के जख्मों पर प्रशासन का यह मरहम यूपी में मिसाल बन गया है। 100 की रफ्तार वाले तूफान ने ढाया कहर
बरेली में मंगलवार और बुधवार को कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला। करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तूफान इतना भीषण था कि जिले भर में सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए, बिजली के पोल धराशायी हो गए और सड़कों पर लगे भारी-भरकम यूनीपोल ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। इस चक्रवात ने सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों और कच्चे मकानों को पहुंचाया है। जान गंवाने वालों के परिजनों को 16 लाख की राहत
तहसील आंवला में इस आपदा ने सबसे ज्यादा जख्म दिए हैं। यहां अलग-अलग गांवों में चार लोगों की मौत हुई। मृतकों में ग्राम हैरामपुर की 12 वर्षीय देवकी, बेहटा जूनो की 60 वर्षीय लीपी, नंदगांव के 56 वर्षीय घासीराम और ग्राम नीति की 76 वर्षीय गोमती शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई और प्रत्येक मृतक के परिवार के खाते में 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद भेज दी है। कुल 16 लाख रुपये की राशि तत्काल जारी की गई। बेघर हुए लोगों को मिलेंगे प्रधानमंत्री आवास
तूफान की वजह से जिले में 30 परिवारों के सिर से छत छिन गई है। इनके मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। डीएम अविनाश सिंह ने इन परिवारों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। प्रशासन ने घोषणा की है कि जिन 30 लोगों के मकान गिरे हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नए घर आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा पशु हानि झेलने वाले किसानों को भी राहत दी गई है। अब तक 9 पशुओं की मौत पर 15,33,500 रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि बाकी बचे मामलों में प्रक्रिया तेजी से जारी है। टीनशेड के साथ उड़े नन्हे मियां का जाना हाल
तूफान के दौरान आंवला के बमियाना गांव से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई थी। यहां नन्हे पुत्र वाहिद टीनशेड के साथ हवा में उड़कर काफी दूर जा गिरे थे। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल देवचरा के एक अस्पताल में भर्ती हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर नन्हे मियां का हालचाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि आपदा राहत कोष से उन्हें हर संभव वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यूपी में मिसाल बना बरेली जिला प्रशासन
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि आपदा के समय पीड़ित को तत्काल मदद मिलना सबसे जरूरी होता है। जैसे ही तूफान थमा, राजस्व विभाग की टीमों को फील्ड पर उतार दिया गया था। सर्वे रिपोर्ट आते ही डिजिटल माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया गया। बरेली ने जिस तेजी से राहत कार्य को अंजाम दिया है, वह प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक नजीर बन गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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तूफान से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने में बरेली फर्स्ट:24 घंटे में पीड़ितों के खातों में पहुंचा मुआवजा, DM बोले-आंधी में उड़े नन्हे मियां को भी मिलेगी मदद