मदर्स डे स्पेशल: नहीं होने दी मां की कमी अहसास:गोरखपुर में अनाथ बच्चों को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पर ओनर ने खिलाया खाना


गोरखपुर में मदर्स डे पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जब अपनी मां से दूर रहने वाले बच्चों को मां के हाथ जैसा खाना खाने को मिला। नौका विहार स्थित फ्लोट रेस्टोरेंट के ओनर आलोक अग्रवाल ने लगभग 70 बच्चों को बुला कर उन्हें वही प्यार और दुलार देने की कोशिश को जो एक मां से मिलती है। फ्लोट पर बैठा कर उन्हें अपने हाथों से खाना सर्व किया। साथ ही गिफ्ट देकर स्पेशल फील करवाया। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर अलग ही चमक देखने को मिली। इसके अलावा तकरीबन 50 दिव्यांग बच्चो के हॉस्टल जाकर उन्हें लंच पैकेट बांटे गए। सपने को हकीकत में बदला
मदर्स डे पर अनाथ बच्चों के लिए किये गए इस पहल की खूब सराहना हुई। ये वे बच्चे थे जिनके लिए किसी हाई-फाई रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खाना किसी ख्वाब से कम नहीं था। मगर मदर्स डे के इस खास मौके पर आलोक अग्रवाल ने इन बच्चों के उस छोटे से सपने को हकीकत में बदल दिया। बच्चों ने फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया और रामगढ़ताल के खूबसूरत नजारों का भी भरपूर लुत्फ उठाया। ऐसे रेस्टोरेंट में खाने को मिलेगा सोचा नहीं था- बच्चे
मासूम बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें ऐसे शानदार रेस्टोरेंट में आने और खाना खाने का मौका मिलेगा। बच्चों की आंखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक नजर आया। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखकर जो सुकून मिलता- रेस्टोरेंट ओनर
वहीं आलोक अग्रवाल ने कहा कि समाज सेवा और जरूरतमंदों की मदद करना उन्हें सुकून देता है। उन्होंने कहा कि उनकी हमेशा कोशिश रहती है कि समाज के दबे-कुचले और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को भी जिंदगी की कुछ ऐसी खुशियां दी जाएं, जिन्हें वे शायद सामान्य परिस्थितियों में महसूस नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि इन मासूम बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखकर जो सुकून मिलता है, वही हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है। अगर कुछ पलों के लिए भी इन बच्चों को खुशी मिलती है तो हमारा प्रयास सफल हो जाता है।” इस दौरान फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के दर्जनों कर्मचारी भी पूरे मन से बच्चों की सेवा करते नजर आए। कुछ स्वयंसेवी संगठनों के लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाकर इस पल को और खास बना दिया। मदर्स डे के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक भोजन नहीं बल्कि इंसानियत, मोहब्बत और सामाजिक जिम्मेदारी की खूबसूरत मिसाल बन गया। रामगढ़ताल की लहरों के बीच मासूम बच्चों की खिलखिलाहट ने इस मदर्स डे को सचमुच यादगार बना दिया।

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