कब्रिस्तान की जमीन पर फर्जी बैनामे का आरोप:मुजफ्फरनगर में कब्जे की कोशिश, डीएम से कार्रवाई की मांग


मुजफ्फरनगर में कब्रिस्तान की जमीन के कथित फर्जी बैनामों को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को रामपुरी और लद्दावाला इलाके के दर्जनों मोहल्लेवासी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर कब्रिस्तान की भूमि को कथित तौर पर बेचने और धोखाधड़ी से बैनामा कराने का आरोप लगाया। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मोहल्लेवासियों के अनुसार यह भूमि दशकों से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग की जा रही है। यहां मुस्लिम समाज के लोग अपने परिजनों को दफनाते हैं। आरोप है कि कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले व्यक्ति ने अपने परिजनों और परिचितों के नाम पर कथित रूप से जमीन के बैनामे करा दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से की गई है।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की संपत्ति से होने वाली आय का कोई हिसाब नहीं दिया गया। इसके अलावा, कब्रिस्तान में लगे पेड़ काटकर बेचने और वहां की ईंटें तक बेच देने के आरोप भी लगाए गए हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि जब समाज के लोगों ने कब्रिस्तान की देखरेख की जिम्मेदारी दूसरी कमेटी को सौंपी, तो यह विवाद और बढ़ गया। डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग अब कब्रिस्तान को अपनी निजी संपत्ति बताकर वहां शव दफनाने से रोकने की धमकी दे रहे हैं। इस स्थिति से इलाके में तनाव और रोष का माहौल है। मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने मोहल्लेवासियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

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