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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां शत्रु संपत्ति मामले में बढ़ाई गई धाराओं पर राहत पाने के लिए एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) पहुंचे हैं। रामपुर जिला जेल में बंद आजम खां की जमानत अर्जी पर गुरुवार को बहस शुरू हुई, लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है। यह मामला पुलिस द्वारा मुकदमे में तीन नई धाराएं जोड़े जाने के बाद और अधिक चर्चा में आया है। शत्रु संपत्ति से जुड़ा यह मुकदमा 9 मई 2020 को सिविल लाइंस थाने में दर्ज किया गया था। कलक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में तैनात सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। शिकायत के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास स्थित शत्रु संपत्ति को वर्ष 2006 में राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से गलत तरीके से दर्ज किया गया था। जांच के दौरान रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए। आरोप है कि संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से आफाक अहमद का नाम गलत तरीके से दर्ज किया गया था। साथ ही अभिलेखों के कुछ पन्ने फटे हुए भी मिले थे। इस मामले में आजम खां के साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आगे की विवेचना के बाद मुकदमे में तीन और धाराएं जोड़ते हुए पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। इन बढ़ाई गई धाराओं में जमानत के लिए आजम खां ने पहले एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सेशन कोर्ट का रुख किया है। वहीं, आजम खां से जुड़े एक अन्य मामले में भी सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। गवाह को धमकाने और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप वाले मुकदमे में गवाह अदालत में पेश नहीं हुए, जिसके चलते सुनवाई टाल दी गई। लगातार चल रहे मुकदमों और अदालती तारीखों के बीच आजम खां की कानूनी लड़ाई जारी है।
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बढ़ी धाराओं पर जमानत को सेशन कोर्ट पहुंचे आजम खां:शत्रु संपत्ति मामले में राहत की उम्मीद, बहस अधूरी; 11 मई को अगली सुनवाई