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नोएडा में सिटी बस चलनी है। ये बस यूपीएसआरटीसी चलाएगा। इसका मसौदा तैयार किया जा चुका है। प्राधिकरण और यूपीएसआरटीसी के बीच एमओयू साइन किया जाएगा। इससे पहले सीईओ कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट किया कि नोएडा में तय किए गए रूटों का दोबारा से सर्वे कराया जाए। ताकि नोएडा वासियों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिल सके। इसे लास्ट माइल कनेक्टिविटी के तौर देखा जाए। पहले फेज में 50 बसों को चलाने के लिए उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीआरसीटीसी) के साथ समन्व्य किया जाएगा। यहां बस चलने से करीब 2 लाख लोगों को फायदा होगा। बसों की शुरुआत मई से होने जा रही है। इसके लिए रूट फाइनल कर लिया गया है। 15-15 मिनट के अंतराल पर बस मिलेंगी। कुल 45 बस चलेंगी 5 स्टैंड बाइ पर रहेंगी। इसमें 10 डबल डेकर बस होंगी। ये डबल डेकर बस बोटेनिकल गार्डन से परिचौक तक चलेंगी। नौ और 12 मीटर की दो प्रकार की करीब 50 बस पहले फेज में चलेंगी। इनका संचालन यूपी रोडवेज करेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर यानी बसो के खड़े होने के लिए डिपो, चार्जिंग पाइंट (सभी ईवी बस), सर्विस सेंटर, ड्राइवर और कंडेक्टर के लिए आराम करने की जगह और ऑफिस स्टॉफ के लिए कमरे। इंटरनल पाइंट को करे करनेक्ट
प्राधिकरण के सीईओ का मत है कि ये बस सेवा नोएडा के अधिकांश इंटरनल पाइंट को कनेक्ट करे। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले सके। चार रूट तैयार किए गए है उसका दोबारा से सर्वे करे और अन्य स्थानों को भी उसमें जोड़े। अगर जरुरत पड़ी तो बसों की संख्या को और ज्यादा बढ़ाया जा सकता है। यूपीएसआरटीसी तय करेगा टिकट दर
सेक्टर-90 में बस डिपो, ई-चार्जिंग पाइंटस, बस सर्विस स्टेशन ड्राइवर-कंडक्टर वर्कशॉप आदि समस्त सुविधाएं दी जाएगी। इन बसों का संचालन उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा अपने निर्धारित टिकट दरों पर किया जाएगा। बसों के संचालन पर होने वाला वीजीएफ (वाइबिलिटी गेप फंडिंग) का भुगतान नोएडा प्राधिकरण करेगा। प्राधिकरण तैयार करेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
सेक्टर-90 बस डिपो में 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें 50 बसों को चार्ज किये जाने की व्यवस्था होगी। बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर 04 वैकल्पिक चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था की जायेगी, जिसमें 08 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। मोरना बस डिपो में भी ई-चार्जिंग प्वाइंट बनाए जा चुके है। इससे नोएडा वासियों को बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-62, गौड़ चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जेवर एयरपोर्ट, फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र, कलेक्ट्रेट तक सुचारु आवागमन हो सकेगा व नोएडा क्षेत्र में छोटे वाहनों के कारण होने वाले जाम में कमी आएगी।
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नोएडा में लास्ट माइल कनेक्टिविटी की तर्ज पर चले बस:अधिकांश लोगों की पहुंच तक हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट, चार रूटों का दोबारा सर्वे