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गोरखपुर में पार्किंग की समस्या ने व्यापारियों की दिक्कत बढ़ा दी है। गोलघर एरिया के तमाम दुकानों की बिक्री पर भी इसका असर पड़ रहा है। शॉप ओनर्स का कहना है कि दुकान के सामने पार्किंग न होने देने से कस्टमर्स रुकते नहीं हैं। वहीं उनकी गाड़ियां नगर निगम की ओर से उठा ली जा रही है, जिसका डर भी बना रहता है। इससे हमारा व्यापार धीमा हो गया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले तक व्हाइटलाइन के अंदर खड़ी गाड़ियां भी उठा ली जाती थी। फिलहाल इससे राहत मिली है, जिससे बाइक वाले कस्टमर्स को तो आसानी हो गई है। वहीं कार पार्किंग को लेकर समस्या अभी भी बनी हुई है। इसीलिए कस्टमर्स हमारे दुकान पर आने से कतराते हैं। फोरव्हीलर के लिए दिक्कत ज्यादा
गोलघर स्थित परम्परा जेम्स एंड ज्वेल्स के डायरेक्टर संजय अग्रवाल ने का कहना है कि पार्किंग को लेकर हमें बहुत ज्यादा समस्या हो रही है। दुकान पर कस्टमर्स रुकना नहीं चाहते हैं। हालांकि जब से व्हाइटलाइन के अंदर गाड़ियों को खड़ी करने पर दिक्कत खत्म हुई है। तब से बाइक वाले कस्टमर्स को काफी ज्यादा आसानी हो गई है। लेकिन फोरव्हीलर की समस्या बनी हुई है। फाइन देने से डरते कस्टमर्स
इसके अलावा अगर गलती से भी व्हाइटलाइन के बाहर गाड़ी खड़ी हो जाती है तो या तो उसका चालान कट जाता है या फिर देखते ही देखते उसे उठा लिया जाता है। उसके बाद 200 और 500 फाइन देकर उसे छुड़ाना पड़ता है। इससे ग्राहकों को भारी नुकसान पहुंचता है। इसीलिए वे ज्यादातार ऐसी दुकानों पर जाना पसंद करते हैं जहां पार्किंग की समस्या नहीं होती है। वहीं अगर कोई कस्टमर जलकल की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करता है तो वहां से मेरी दुकान तक आते-आते बीच में कई ज्वेलरी शॉप पड़ती है। तो उन दुकानों पर ही रुककर खरीदारी करने लगता है। जिससे हमारे ग्राहक टूट जाते हैं। दुकान के पास से उठा ले जाते थे गाड़ियां
वहीं इलेक्ट्रिकल शॉप के ओनर सनी गुप्ता ने बताया कि कुछ समय पहले गाड़ी पार्किंग को लेकर हमें बहुत समस्या हो रही थी। दुकान के सामने एक भी गाड़ी खड़ी नहीं होने थे। व्हाइट लाइन के अंदर से भी कस्टमर्स की तो छोड़िए, जिनकी दुकान है उनकी गाड़ी भी उठा ली जाती थी। जिससे हमें बहुत ज्यादा नुकसान हुआ। कस्टमर्स दो मिनट के लिए भी गाड़ी खड़ी करके रुकते नहीं थे। जिसकी वजह से बिक्री कम होने लगी थी। दिन भर दुकान पर कस्टमर्स आते ही नहीं थे। इस समस्या को देखते हुए हमने लगभग एक हफ्ते पहले संबंधित अधिकारियों से मीटिंग की थी। जिसके बाद सड़क पर बनी व्हाइट लाइन के अंदर गाड़ियों को खड़ी करने का छूट मिला है। इससे हमें बहुत ज्यादा राहत है। दुकान पर कस्टमर्स आने शुरू हो गए। व्यापार भी पटरी पर धीरे- धीरे आ रहा है। हालांकि कुछ लोग अभी भी गाड़ियां बेतरतीब खड़ी कर दे रहें। जिससे उन्हें फाइन भरना पड़ता है। आवगमन होता बाधित
डी कॉट रेडीमेड गारमेंट्स के ओनर संजय गुप्ता ने का कहना है कि दुकान के सामने फोरव्हीलर की पार्किंग होने से काफी ज्यादा समस्या होती है। क्योंकि एक तो दुकान नहीं दिखता और दूसरा आवगमन बाधित होती है। उन्होंने बताया कि बाइक की पार्किंग से हमें कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि वह जगह कम लेता है और हमारे ज्यादातर कस्टमर्स बाइक से ही आते हैं। उनका कहना है कि लगभग एक हफ्ते पहले तक पार्किंग को लेकर भारी समस्या बनी हुई थी। लेकिन व्हॉइट लाइन के अंदर खड़ी करने पर अब कोई दिक्कत नहीं है। जिससे हमारे कस्टमर्स और हमें दोनों को राहत है। मल्टी लेवल पार्किंग में पहुंच रहीं कम गाड़ियां
जलकल में मल्टी लेवल पार्किंग के ठेकेदार अन्नू सिंह का कहना है कि जबसे व्हाइट लाइन के अंदर गाड़ियों को पार्क करने की छूट मिली है। तबसे पार्किंग में गाड़ियां आनी कम हो गई हैं। जिससे हमें नुकसान पहुंच रहा है। अब जब लोगों को फ्री में रोड पर फोरव्हीलर खड़ी करने की छूट मिल जाएगी तो वो पार्किंग में पैसा देकर गाड़ी पार्क क्यों करेंगे। पहले एक दिन में जहां कम से 50- 60 फोव्हीलर पार्किंग के लिए आते थे। अब घटकर सिर्फ 30 से 35 रह गई हैं। पहले हमें एक दिन में करीब 3500 तक का प्रॉफिट होता था वो अब घटकर 1800 रुपए तक रह गया है। इस समय टूव्हीलर हो या फोर व्हीलर सिर्फ वहीं लोग खड़ी करते हैं जो पहले से पास बनवा रखें हैं। रैंडम गाड़ियां बहुत ही कम आ रही हैं।
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पार्किंग के चक्कर में ठप पड़ा गोलघर का व्यापार:दुकानदार बोले- दुकानों के सामने से उठ रही गाड़ियां, डर से नहीं रुकते कस्टमर्स