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पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ बिहार का मुंगेर बनता जा रहा है। मेरठ अवैध हथियारों के बनाने से लेकर हथियारों की तस्करी, खरीद, फरोख्त का बड़ा सेंटर बन गया है। यहां आए दिन अवैध हथियारों के साथ युवकों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वहीं पुलिस लगातार अवैध हथियारों की फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ कर रही है। पिछले 10 दिन में जिले में अवैध हथियारों की 2 बड़ी फैक्ट्रियों पर पुलिस ने छापा मारा है। ये फैक्ट्रियां घरों के नीचे बने अवैध तहखानों में अंडरग्राउंड चल रही थी। जहां कोई नहीं पहुंच सकता। आम लोगों की नजर से दूर धड़ल्ले से चल रही फैक्ट्रियों में भारी तादात में असलहा, बारुद तैयार हो रहा था। बेड के नीचे निकला अवैध हथियारों का तहखाना 10 दिन पहले लोहिया नगर थानाक्षेत्र के अलीपुर गांव में सामान्य से मकान में डबलबेड के नीचे एक तहखाना सामने आया। इस तहखाने में छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां अवैध हथियार फैक्ट्री मिली। जहां मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से इस तहखाने में काम कर रहे 11 आरोपियों को अरेस्ट किया था। पुलिस ने शक के आधार पर घर में छापेमारी की तो सामान्य से घर में अंदर कमरे में जाने पर डबलबेड के नीचे तहााना निकला। पुलिस ने डबलबेड का बॉक्स खोला तो नीचे एक गुप्त ढक्कन मिला। उसमें उतरते ही गुप्त तहखाना मिला। जहां पिस्टल, मैग्जीन, तमंचे बन रहे थे। तहखाना पूरी तरह घुप्प था। अंदर एक टेबलफैन चल रहा था। ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए बड़े पाइप लगे थे। जिससे तहखाने में घुटन न हो। जांच में पता चला कि ये गिरोह मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से यहाँ किराए के मकान में यह अवैध कारोबार कर रहा था। आरोपियों ने इस काम को छिपाने के लिए मकान को इस तरह इस्तेमाल किया कि बाहर से देखने पर वहां एक साधारण परिवार रहता हुआ लगे, जिससे किसी को शक न हो।पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है। इसमें असलम, अलाउद्दीन, अनस, शक्ति, मुनीर, आरिश, शिवा शर्मा, गुड्डू सैनी, राजन और रजत शर्मा को अरेस्ट किया गया। जो लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। गिरोह का मास्टरमाइंड रहीमुद्दीन अपने अल्लीपुर स्थित मकान के तहखाने में इस अवैध फैक्ट्री को चला रहा था। उसके साथ कई अन्य आरोपी भी सक्रिय रूप से हथियार बनाने और सप्लाई करने में लगे थे।इस मामले में अभी भी रहीमुद्दीन समेत 10 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। कपड़ों की अलमारी के नीचे अंडरग्राउंड असलहा फैक्ट्री मंगलवार देर रात पुलिस ने इंचौली थानाक्षेत्र के खरदौनी गांव में अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी है। ये फैक्ट्री मकान में बने कमरे में कपड़े की अलमारी के नीचे चल रही थी। सूचना पर स्वाट और पुलिस टीम ने मकान में छापा मारा। यहां अलमारी के नीचे खटखट की आवाज आ रही थी। अलमारी खोला तो देखा अंदर कपड़ों के नीचे एक ढक्कन लगा था। ढक्कन हटाने पर नीचे सीढ़ियां और रास्ता निकला। पुलिसकर्मी जब उसमें नीचे उतरे तो वहां बैठा इमरान तमंचे बना रहा था। पूछा क्या कर रहे हो तो बोला सप्लाई के लिए माल बना रहा हूं। फैक्ट्री तक पहुँचने के लिए एक अलमारी के अंदर से रास्ता बनाया गया था, जो सीधे नीचे एक गुप्त तहखाने (सुरंग) में खुलता था। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें एक BCA (Bachelor of Computer Applications) का छात्र भी शामिल है, जो हथियारों की ऑनलाइन डिमांड और सप्लाई का काम संभालता था। छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में बने और अधबने हथियार (जैसे तमंचे), कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग एक तमंचा लगभग 6,000 रुपये में बेचते थे। एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। जहां भी इस तरह की जानकारी मिल रही है वहां एक्शन हो रहा है।
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मेरठ बना मुंगेर, तहखानों में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्रियां:अलमारी के नीचे बनी सुरंग में चलती मिली फैक्ट्री, BCA स्टूडेंट ऑन डिमांड करता था सप्लाई