आज से शुरू होगी जनगणना:मोबाइल एप के जरिए डिजिटली होगी जनगणना,मथुरा में DM ने अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण


16 साल बाद गुरुवार से जनगणना की जाएगी। 7 मई से चलने वाली यह जनगणना 21 मई तक चलेगी। इस बार की जनगणना में पहली बार स्व गणना का भी विकल्प उपलब्ध कराया गया है। स्व गणना में 33 प्रश्नों का उत्तर भरना है,जिसे आम लोग स्वयं,परिवार के सदस्य या जन सुविधा केंद्र से भरवा सकते हैं। अधिकारियों को दी ट्रेनिंग मथुरा में DM और प्रमुख जनगणना अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जनगणना-2027 मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा स्वगणना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार देर शाम को की। कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा स्वगणना के लिए जिले के सभी चार्ज अधिकारियों हेतु प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्व-गणना, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना आदि के संबंध में पीपीटी के माध्यम से सभी चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 7 मई से 21 मई तक आम लोगों द्वारा स्वगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी गणना ऑनलाइन की जा सकती है। प्रदेश में जनगणना का प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का काम दिनांक 22 मई 2026 से 20 जून 2026 के मध्य पूरा किया जाएगा। जनगणना-2027 के सुचारू, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन हेतु जनगणना कार्मिकों का प्रशिक्षण एक संरचित कैस्केड मॉडल के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसके सम्बन्ध में बैठक एवं सेल्फ इन्यूमेरेशन (Self enumeration) कार्यशाला आयोजित की गई। 7 मई से प्रारम्भ होकर 21 मई तक चलने वाली स्व-गणना प्रक्रिया के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार तथा लोगों को जागरूक करने हेतु जिलाधिकारी ने निर्देशित किया। स्व गणना में भरने होंगे 33 प्रश्न के जवाब कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना की प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल रूप में मोबाइल एप के जरिए पूरी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता एवं सटीकता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण में आवास सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) एवं मकानों की नंबरिंग की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस बार नागरिकों को पहली बार स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते है। स्व गणना में 33 प्रश्नों का उत्तर भरना है, जिसे आम जनमानस स्वयं, अपने परिवार के सदस्य या जन सेवा केंद्र के माध्यम से भर सकता है। उन्होंने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शासन द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। जन प्रतिनिधियों का भी भरा जाए स्व गणना जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने कार्यालयों के कर्मचारियों तथा विभाग से जुड़े अन्य लोगों को स्वगणना भरने हेतु प्रोत्साहित करे। उन्होंने कोटेदारों, ग्राम सचिवों, ग्राम प्रधानों, पुलिस कर्मचारियों, होमगार्ड्स, पीआरडी जवानों, सिविल डिफेंस जवानों, व्यापारियों, उद्यमियों, आपदा मित्रों, शिक्षकों आदि को स्व गणना भरने हेतु प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा जनप्रतिनिधियों का भी स्वगणना भरवाया जाए। यह रहे मौजूद बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक डीआरडीए अरुण कुमार उपाध्याय, वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी श्रीमती गरिमा खरे, उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता, उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर, उप जिलाधिकारी महावन ऊषा सिंह, उप जिलाधिकारी गोवर्धन सुशील कुमार, जिला कमांडेंट होमगार्ड्स डॉ शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेन्द्र पाल सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी राकेश कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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