अकोला में किसान आंदोलन स्थगित:प्रशासन के लिखित आश्वासन पर बनी सहमति


अकोला में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है। यह धरना स्मार्ट मीटरों के विरोध और किसानों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमों की वापसी की मांग को लेकर चौधरी चरण सिंह चाहर वाटी महाविद्यालय में चल रहा था। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। यह धरना सोमवार को अकोला में शुरू हुआ था, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों किसान और आम नागरिक शामिल हुए। आंदोलन की अध्यक्षता प्रबंधक छिद्दी सिंह चाहर ने की, जबकि संचालन किसान नेता सुरेंद्र सिंह चाहर ने किया। धरने के दौरान भाकियू के मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर और जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को तुरंत समाप्त करने और किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग उठाई। जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देर रात लगभग 12 बजे पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर और जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां से वार्ता की। पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि जल्द ही उच्च अधिकारी किसानों से मिलेंगे और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने लिखित आश्वासन देने की बात भी कही। भाकियू के मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर ने कहा कि अकोला का यह आंदोलन भले ही फिलहाल स्थगित हो गया हो, लेकिन इसने प्रशासन को किसानों की सजगता का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अब सभी की नजरें प्रशासन द्वारा किए गए वादों की पूर्ति पर टिकी हैं। आने वाला समय ही तय करेगा कि यह स्थगन स्थायी समाधान में बदलेगा या फिर एक बड़े आंदोलन का आधार बनेगा।

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