केनरा बैंक के मलबे में दबे नोट बटोरने पहुंचे लोग:लॉकरों में भरा हुआ है सोना,सुरक्षा के लिए लगाई PAC, 300 करोड़ का था लेनदेन


आगरा में गुरुवार को मॉल के बेसमेंट की खुदाई के दौरान केनरा बैंक की बेलनगंज शाखा की बिल्डिंग गिर गई थी। मलबे में बैंक का करोडों का कैश दब गया। मलबे से कैश निकालने के लिए लोग पहुंच गए। ऐसे में पुलिस फोर्स के साथ ही पीएसी तैनात की गई है। बैंक के बगल के रास्ते को बंद कर दिया गया है। गुरुवार रात में ही मलबे से कैश भी निकाल लिया गया। बैंक का 300 करोड़ का लेनदेन है, शुक्रवार दोपहर में छत के रास्ते से लाॅकर, गोल्ड और लोन संबंधी दस्तावेज निकालने के लिए रास्ता बनाने में टीम जुटी रहीं। बेलनगंज के भैरों बाजार में प्रदेश की पहली केनरा बैंक की शाखा खुली थी, 1980 में बैंक किराए के भवन में जहां वर्तमान में माल का निर्माण हो रहा है वहां सड़क किनारे वाले हिस्से में शिफ्ट हो गई। बैंक की लंबाई अधिक है और चौड़ाई कम है। बैंक के मुख्य द्वार के बाद शीशे का दरवाजा है, इससे अंदर प्रवेश करते ही बाएं तरफ खाता खोलने, वित्तीय लेन देन संबंधित काउंटर हैं। इसके बाद कैशियर काउंटर है और पीछे के हिस्से में लाॅकर और दस्तावेज रखने के रूम है। बैंक का बाएं तरफ का आधा हिस्सा गिर गया है, निर्माणाधीन 40 फीट गहरे माल में बैंक के रजिस्टर, दस्तावेज मलबे में दिखाई दे रहे हैं। गाटर पत्थर से बने भवन में 20 फीट दूर तक फैले मलबे में बैंक की स्लिप और दस्तावेज पड़े हुए हैं। बैंक की बिल्डिंग गिरने से मलबे में कैश दबे होने की जानकारी होने पर, जीवनी मंडी और आस- पास के क्षेत्र के युवक आ गए और मलबे से कैश निकालने की कोशिश करने लगे। इसे देख बैंक अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी, इसके बाद पुलिस फोर्स बढ़ा दिया गया। पीएसी भी तैनात कर दी गई। बैंक के बगल के रास्ते को बंद कर दिया गया है। रात में ही मलबे से कैश निकाल लिया गया। सुबह बैंक अधिकारी कर्मचारियों के साथ पहुंचे और मलबे में दबे दस्तावेजों को कैसे निकाला जाए इस बारे में विचार करते रहे। दोपहर 12 बजे तीन मजदूरों को पीछे के हिस्से की छत को तोड़ने के लिए लगाया गया जिससे लाकर, लोन लेने के लिए रखे गए गोल्ड और लोन संबंधी दस्तावेजों तक पहुंचा जा सके। हर रोज थे 300 ग्राहक, रात आठ बजे तक खुलती थी बैंक
केनरा बैंक की बेलनगंज शाखा में ब्रांच मैनेजर के साथ ही नौ कर्मचारी काम करते हैं। सुबह 9.30 बजे बैंक खुल जाती थी। बैंक में हर रोज 300 ग्राहक आते थे, हर समय 60 से 70 ग्राहक बैंक में रहते थे लेकिन जिस समय हादसा हुआ उस समय गर्मी और लू के चलते चार ग्राहक ही थी। बैंक में लेनदेन का काम शाम चार बजे बंद हो जाता था लेकिन बैंक में रात आठ बजे तक काम होता था। बैंक में लाॅकर, गोल्ड, लोन संबंधी दस्तावेज सुरक्षित है। गुरुवार रात को ही बैंक का पूरा कैश निकाल लिया गया था। इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भी सौंप दी गई है। मलबे में दस्तावेज, पासबुक हैं। लाॅकरों में करोड़ों का सामान, मलबे में नहीं मिलीं चाभी
केनरा बैंक में बड़ी संख्या में लाॅकर हैं। इनमें करोड़ों रुपये का सामान रखा है। इमारत के मलबे में लाॅकरों की चाभियां भी दब गई हैं। रेस्क्यू टीम और बैंककर्मियों ने मलबे में चाभियाें की तलाश की, लेकिन नहीं मिलीं। लाॅकरों की सुरक्षा को पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। ग्राहकाें को सात दिन का समय दे दिया गया है। मलबे में बैंक के कैश काउंटर पर रखा कैश भी दब गया था। कुछ कैश बैंक के स्ट्रांग रूम में रखा था। इस तरह 25 लाख रुपये पुलिस सुरक्षा में बेलनगंज से कचहरी घाट बैंक में शिफ्ट कर दिए गए। लीड बैंक मैनेजर ऋषिकेश बनर्जी ने बताया-कचहरी घाट शाखा में फिलहाल बेलनगंज शाखा संचालित होगी। केनरा बैंक की किसी भी शाखा से लेनदेन कर सकते हैं। वहां से लेनदेन कर सकते हैं, सात दिन बाद लोग अपने लाकर भी खोल सकेंगे। बैंक का इंश्योरेंस भी है।

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